


स्मार्ट मीटर अपडेट के नाम पर महिला से लगभग दो लाख की साइबर ठगी
नवगछिया । स्मार्ट मीटर अपडेट कराने के नाम पर साइबर अपराधियों ने एक महिला को झांसे में लेकर उसके बैंक खाते से करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना के बाद पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराते हुए रंगरा थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपालपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर निवासी स्वर्गीय जगदीश शर्मा की पत्नी प्रमिला कुमारी (36 वर्ष), जो वर्तमान में नवगछिया हाई स्कूल के सामने स्थित एक किराये के मकान में रहती हैं, को 5 जून 2026 की शाम करीब 6:30 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को स्मार्ट मीटर विभाग से जुड़ा बताते हुए कहा कि उनके घर में हाल ही में नया स्मार्ट मीटर लगाया गया है और उसे तत्काल अपडेट कराना आवश्यक है। उसने यह भी कहा कि यदि अपडेट नहीं कराया गया तो बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
महिला ने बताया कि ठग ने उन्हें पूरी तरह विश्वास में लेकर दूसरे मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और उस पर क्लिक करने को कहा। लिंक खोलने के बाद 19 रुपये का रिचार्ज करने की बात कही गई। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से ठग ने पूरी प्रक्रिया करवाते हुए दावा किया कि स्मार्ट मीटर का अपडेट सफलतापूर्वक हो गया है।
लेकिन कुछ ही देर बाद महिला के मोबाइल पर बैंक खाते से राशि कटने के संदेश आने लगे। उनके खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 99,984 रुपये, 4,900 रुपये तथा 95,000 रुपये की निकासी कर ली गई। इस प्रकार कुल 1 लाख 99 हजार 884 रुपये साइबर अपराधियों द्वारा उड़ा लिए गए।
खाते से पैसे कटने की जानकारी मिलते ही प्रमिला कुमारी ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जहां उन्हें शिकायत संख्या 30506260069420 प्रदान की गई। इसके साथ ही उन्होंने रंगरा थाना में आवेदन देकर मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि स्मार्ट मीटर अपडेट, केवाईसी सत्यापन, बैंक खाते या बिजली विभाग के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, लिंक अथवा वीडियो कॉल के झांसे में न आएं। किसी भी परिस्थिति में बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
















