


जिला परिषद अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद बनी कमेटी, गुणवत्तापूर्ण कार्य का दिया गया निर्देश
नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत इस्माइलपुर के बिंद टोली तटबंध पर चल रहे कटावरोधी कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शनिवार को ग्रामीणों ने कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कटावरोधी कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे तटबंध की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीण जितेंद्र मंडल ने बताया कि सीट पाइलिंग कार्य में कथित गड़बड़ी को लेकर जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो विवाद उत्पन्न हो गया। उनका आरोप है कि कार्यस्थल पर मौजूद कुछ कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, मारपीट की तथा उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कार्य को रोक दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल मौके पर पहुंचे और कटावरोधी कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मियों से जानकारी ली। साथ ही कार्य करा रहे कर्मियों के व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की।
देर शाम जिला परिषद अध्यक्ष की मौजूदगी में ग्रामीणों, जल संसाधन विभाग के अभियंताओं तथा संवेदक मुन्ना सिंह के बीच बैठक हुई। बैठक में आपसी सहमति से एक निगरानी कमेटी का गठन किया गया, जो कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखेगी।
जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने कहा कि कटावरोधी कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाना चाहिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर पारदर्शिता के साथ कार्य कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की शिकायत की गुंजाइश न रहे।
मौके पर पहुंचे कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार, अभियंता अमितेश कुमार समेत जल संसाधन विभाग के अन्य अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान मुखिया नगीना पासवान, पूर्व मुखिया गिरधारी पासवान, पंचायत समिति सदस्य मनोज रविदास, जितेंद्र मंडल, अशोक मंडल, श्रीकांत यादव, भाजपा नेता बांसकी मंडल, चिरंजीव राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि निगरानी कमेटी के गठन के बाद कटावरोधी कार्य में पारदर्शिता आएगी और तटबंध की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान होगा।
















