


भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण कार्य को सितंबर के बजाय अक्टूबर माह के मध्य से शुरू कराने की मांग को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने जनहित एवं बाढ़ की परिस्थितियों का हवाला देते हुए मरम्मत कार्य की समय-सीमा में बदलाव करने का आग्रह किया है। पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी भागलपुर को भी भेजी गई है।

जिला परिषद अध्यक्ष ने अपने पत्र में कहा है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद वैली ब्रिज के माध्यम से छोटे वाहनों का परिचालन कराया जा रहा है। वहीं, सेतु की पूर्ण मरम्मत के लिए सितंबर 2026 से लगभग तीन माह तक आवागमन बंद रखने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि सितंबर माह में गंगा का जलस्तर अपने चरम पर रहता है और उत्तरी भागलपुर का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित होता है। ऐसे समय में सेतु पर यातायात बंद होने से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि पिछले तीन-चार वर्षों के अनुभव बताते हैं कि सितंबर के दौरान गंगा नदी में जलस्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में जलमार्ग से आवागमन भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहता, जिससे किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उत्तरी भागलपुर के लाखों लोगों के लिए विक्रमशिला सेतु जीवनरेखा के समान है और बाढ़ के समय इसका महत्व और बढ़ जाता है।
विपिन कुमार मंडल ने यह भी बताया कि 15 जुलाई को गोराडीह प्रखंड के कासिल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण के बाद 30 नवंबर 2026 को उद्घाटन कराने की घोषणा की थी। ऐसे में उन्होंने आग्रह किया कि निर्माण कार्य सितंबर के बजाय अक्टूबर माह के मध्य से शुरू कराया जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद मरम्मत कार्य भी सुचारु रूप से पूरा हो सके और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
















