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जिलाधिकारी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, 18 जून तक फर्नीचर और संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश

भागलपुर जिले के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिले के छह नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आगामी 1 जुलाई 2026 से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी आवश्यक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि पीरपैंती, गोराडीह, खरीक, रंगरा चौक, इस्माइलपुर एवं गोपालपुर प्रखंड में नए राजकीय डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इन कॉलेजों में पठन-पाठन प्रारंभ करने के लिए संबंधित क्षेत्रों के प्लस-टू विद्यालयों एवं अन्य उपयुक्त भवनों में चार से पांच कमरों का चयन किया गया है, जहां प्रारंभिक चरण में कक्षाओं का संचालन होगा।

जिलाधिकारी ने चयनित भवनों में आवश्यक मरम्मत, सिविल कार्य, फर्श, खिड़की तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसआईडीसीएल) के माध्यम से सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि बीएसआईडीसीएल के अभियंताओं द्वारा संबंधित प्रभारी प्राचार्यों के साथ स्थलों का निरीक्षण और सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

बैठक में कॉलेजों के लिए आवश्यक बेंच-डेस्क, टेबल, कुर्सियां, कंप्यूटर और अन्य शिक्षण सामग्री की खरीद को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके लिए अति-अल्पकालीन निविदा आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और सभी कॉलेजों में एक समान गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 15 जून तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाए तथा 18 जून तक सभी कॉलेजों में फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति एवं स्थापना सुनिश्चित कर दी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप 1 जुलाई से सभी छह कॉलेजों में नियमित रूप से कक्षाएं शुरू कराई जाएंगी और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि नए डिग्री कॉलेजों के संचालन से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और हजारों छात्रों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता (राजस्व) दिनेश राम, जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, वरीय कोषागार पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, बीएसआईडीसीएल के अभियंता तथा सभी छह नवस्थापित डिग्री कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्य उपस्थित थे। नई शैक्षणिक पहल को जिले में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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