


भागलपुर में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के तत्वावधान में पूर्वी भारत के प्रतिष्ठित वार्षिक ऑर्थोपेडिक सम्मेलन MIDCON 2026 का आयोजन 20 एवं 21 जून को होटल रूप विहार, भागलपुर में किया जाएगा। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, सर्जन एवं चिकित्सक भाग लेंगे और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
इस संबंध में भागलपुर ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजन समिति के सदस्यों ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में हड्डी एवं जोड़ रोगों के उपचार से जुड़ी अत्याधुनिक तकनीकों, नई चिकित्सा पद्धतियों तथा अनुसंधान के क्षेत्र में हुए नवाचारों पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा सर्जरी, स्पोर्ट्स इंजरी, आर्थोस्कोपी, बाल अस्थि रोग, रोबोटिक सर्जरी और नेविगेशन आधारित आधुनिक सर्जिकल तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बिहारी लाल ने कहा कि MIDCON 2026 केवल चिकित्सकीय ज्ञान के आदान-प्रदान का मंच नहीं है, बल्कि यह देशभर के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर चिकित्सा क्षेत्र में नए विचारों और अनुभवों को साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से बिहार में ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा मिलेगी तथा चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और उपचार पद्धतियों की जानकारी प्राप्त होगी।
भागलपुर ऑर्थोपेडिक सोसाइटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में कई राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल होंगे। वैज्ञानिक सत्रों में जटिल रोगों के उपचार, आधुनिक सर्जरी तकनीकों तथा भविष्य की चिकित्सा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है, जिससे सम्मेलन को और अधिक आकर्षक बनाया जा सके।
आयोजन समिति का मानना है कि MIDCON 2026 के माध्यम से भागलपुर को राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। यह आयोजन न केवल चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन में सहायक होगा, बल्कि भागलपुर को मेडिकल शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन को लेकर चिकित्सा जगत में उत्साह का माहौल है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम ऑर्थोपेडिक चिकित्सा के क्षेत्र में नई संभावनाओं और आधुनिक तकनीकों के प्रसार का प्रभावी मंच साबित होगा तथा बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करेगा।
















