


भोजपुर: शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को क्षेत्रीय सांसद सुदामा प्रसाद ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
परिजनों से बातचीत के बाद सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह एनकाउंटर संदिग्ध और कथित तौर पर फर्जी प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि केवल संबंधित थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के निलंबन से सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। मामले में अब तक हुई कार्रवाई खुद इस बात की ओर इशारा करती है कि मुठभेड़ को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं।
सांसद ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा एनकाउंटर में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की गहन जांच हो। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दौरान हरेंद्र प्रसाद, कांग्रेस नेता राकेश त्रिपाठी, राजद प्रखंड अध्यक्ष शिवप्रसन्न यादव, मुखिया बलिराम यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग का समर्थन किया।
गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। परिजन घटना को फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं, जबकि मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।













