


पूर्णिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय में नामांकन आवेदन शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर छात्र नेता एवं छात्र प्रतिनिधि पीयूष पुजारा का अनिश्चितकालीन अनशन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे इस अनशन के माध्यम से छात्रों द्वारा नामांकन आवेदन के लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस लेने तथा छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने की मांग की जा रही है।
गौरतलब है कि पीयूष पुजारा ने पूर्व में घोषणा की थी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन आवेदन शुल्क समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है तो वे 30 मई से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। इसी घोषणा के तहत वे लगातार दूसरे दिन भी अनशन पर बैठे रहे।
अनशन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीयूष पुजारा ने कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय में छात्रों के हितों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों से आवेदन शुल्क के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के बजाय छात्रों पर विभिन्न प्रकार के शुल्क का दबाव बढ़ाया जा रहा है। छात्र नेता ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है, जिसके कारण छात्र समुदाय में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पीयूष पुजारा ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता और आवेदन शुल्क समाप्त करने की घोषणा नहीं करता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
इस दौरान कई छात्र एवं छात्र संगठनों के प्रतिनिधि भी अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की।
वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छात्र समुदाय की नजर अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
















