


पूर्णिया में 18 केंद्रों पर होगी कदाचारमुक्त परीक्षा
6936-6936 अभ्यर्थी दोनों पालियों में होंगे शामिल, जैमर, बायोमेट्रिक और सीसीटीवी से होगी निगरानी
पूर्णिया। मध निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में मध निषेध सिपाही, गृह विभाग (कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय) में कक्षपाल तथा परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही पदों पर नियुक्ति के लिए 14 जून को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। शनिवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों एवं वरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। दोनों पालियों में 6936-6936 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय में कुल 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों एवं प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन जांच सुनिश्चित की जाए। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, पेजर, एटीएम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नोट्स अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूर्ण रोक रहेगी।
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा सभी केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मशीन, वीडियोग्राफी तथा अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के समय अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा। साथ ही केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी केंद्रों पर बायोमेट्रिक मशीन एवं सीसीटीवी की कार्यशीलता सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम-1981 के तहत कदाचार करते पकड़े जाने पर छह माह तक की कारावास अथवा दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड का प्रावधान है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। जोनल एवं सुपर जोनल दंडाधिकारियों को लगातार भ्रमणशील रहकर परीक्षा की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया है।
परीक्षा की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेगा। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06454-243000, 242310 एवं 241555 जारी किए गए हैं। नियंत्रण कक्ष के प्रभारी वरीय उपसमाहर्ता इंद्रजीत कुमार बनाए गए हैं।
पूरे परीक्षा संचालन की विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता रवि राकेश एवं अपर पुलिस अधीक्षक आलोक रंजन को सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संपन्न कराने में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
















