


व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के दिए निर्देश
कांवड़िया पथ, नमामि गंगे घाट, लाइटिंग, स्वच्छता और प्रचार-प्रसार की तैयारियों पर विशेष जोर
भागलपुर ।
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर शनिवार को भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेला से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल कार्य कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी प्रगति और गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अब तक मरम्मत किए गए चापाकलों, नगर परिषद द्वारा कराए गए कार्यों तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की अद्यतन जानकारी प्राप्त की।
डीएम ने निर्देश दिया कि जहां श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए जर्मन हैंगर लगाए जाते हैं, वहां की भूमि को ऊंचा किया जाए ताकि वर्षा के दौरान जलजमाव की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाले कांवड़िया पथ की नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्वच्छता प्रेक्षकों को सौंपने का निर्देश दिया।
खाद्य सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी गंभीर दिखे। उन्होंने मेला अवधि में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए फूड इंस्पेक्टर की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
बैठक में श्रावणी मेला को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने श्रावणी मेला ऐप की डिजाइन शीघ्र तैयार कराने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
मेला के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने स्थानीय भाषा में आकर्षक जिंगल तैयार कराने का निर्देश दिया। साथ ही इस वर्ष सुलतानगंज-कांवड़िया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए “दीदी की रसोई” संचालित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने नमामि गंगे घाट एवं कृष्णगढ़ चौक पर विशेष लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा प्रचार-प्रसार की रूपरेखा अभी से तैयार करने तथा नमामि गंगे घाट एवं धांधी बेलारी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए कलाकारों के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि श्रावणी मेला 2026 का आयोजन भव्य, व्यवस्थित और सफल हो सके।
















