


पूर्णिया विश्वविद्यालय के फैसलों पर छात्र राजद अध्यक्ष ने उठाए सवाल, आवेदन जमा कराकर दिलाई रिसीविंग
पूर्णिया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग में शनिवार को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब विशेष परीक्षा (स्पेशल एग्जाम) से संबंधित तकनीकी समस्याओं को लेकर सैकड़ों छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे। सुबह से ही परीक्षा विभाग के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और छात्र अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे।
मामला स्नातक सत्र 2021-24 एवं 2022-25 के विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जारी विशेष परीक्षा अधिसूचना से जुड़ा है। कुलपति के निर्देश पर जारी इस अधिसूचना के तहत पार्ट-2 और पार्ट-3 के परिणामों में त्रुटि, प्रमोटेड, फेल अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे छात्रों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है। लेकिन पोर्टल की तकनीकी खामियों ने छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान कभी वेबसाइट खुल नहीं रही है तो कभी पोर्टल पर आवश्यक विवरण और अंक प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण वे फॉर्म भरने से वंचित हो रहे हैं, जबकि यह उनके लिए अंतिम अवसर है।
स्थिति की जानकारी मिलने पर एसएसएआई (छात्र राजद) के अध्यक्ष पीयूष पुजारा अपने सहयोगियों के साथ परीक्षा विभाग पहुंचे। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुना और विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रभावित छात्रों के आवेदन परीक्षा विभाग में जमा कराए तथा सभी आवेदनों की प्राप्ति रसीद (रिसीविंग) दिलवाई।
इस दौरान पीयूष पुजारा ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय का लगभग हर निर्णय संदेह के घेरे में दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को सबसे पहले बैक सेशन के उन छात्रों के लिए भी परीक्षा आयोजित करनी चाहिए जिनका पंजीयन समाप्त हो चुका है। राजभवन अथवा संबंधित सक्षम प्राधिकार से अनुमति लेकर ऐसे छात्रों को भी विशेष परीक्षा का अवसर दिया जा सकता है, ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में आयोजित की जा रही विशेष परीक्षा का लाभ भी हजारों छात्र नहीं उठा पा रहे हैं। कई छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिनका पार्ट-1 में प्रमोटेड, फेल अथवा तकनीकी कारणों से अनुपस्थित दर्ज होने की वजह से पार्ट-3 का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में विशेष परीक्षा का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
छात्र राजद अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विशेष परीक्षा आयोजित करने का निर्णय सराहनीय है, लेकिन जब बड़ी संख्या में छात्र तकनीकी समस्याओं के कारण आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं तो इसका लाभ सीमित रह जाएगा। उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र प्रतिनिधियों एवं प्रभावित छात्रों के साथ बैठक कर समस्याओं का स्थायी समाधान निकाले।
उन्होंने कहा कि पार्ट-1, पार्ट-2 और पार्ट-3 से संबंधित सभी तकनीकी और परीक्षा संबंधी त्रुटियों को दूर कर पात्र विद्यार्थियों को विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
छात्रों की बढ़ती नाराजगी और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। छात्रों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण कर विशेष परीक्षा का लाभ सभी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
















