



नवगछिया पुलिस जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के यमुनिया वार्ड संख्या 13 में 21 सितंबर को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। स्थानीय निवासी मोहन साह पिता स्व. शियाराम साह, उम्र 50 वर्ष पर शराब बेचने और आम रास्ते पर शराब सेवन का विरोध करने के कारण हमला किया गया। आरोप है कि पहले उसे लप्पड़ और थप्पड़ से पिटाई की गई और इसके बाद उसके घर से तेजाब की बोतल लाकर उसके शरीर पर डाल दिया गया। इस हमले में मोहन साह का चेहरा, गला, सीना, जांघ, पीठ और हाथ-पांव गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद मोहन साह अपने घर में 72 घंटे तक बंद रहे और अत्यधिक दर्द व जलन से तड़पते रहे। इस दौरान एक ग्रामीण डॉक्टर घर पर ही उनका प्राथमिक उपचार कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मायागंज, भागलपुर रेफर कर दिया। फिलहाल मोहन साह का इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

मोहन साह ने अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यमुनिया निवासी नरेश साह और उनके पुत्र राहुल कुमार लंबे समय से शराब का कारोबार कर रहे हैं। दोनों बाहर के लोगों को घर पर बैठाते और हर वक्त आने-जाने वाले लोगों को आम रास्ते पर शराब पिलाते और हंगामा करते रहते हैं। 21 सितंबर को रास्ते पर शराबियों की भीड़ लगाने का विरोध करने पर नरेश साह और राहुल कुमार ने पहले लप्पड़ और थप्पड़ से मारपीट की। इसके बाद राहुल दौड़कर अपने घर से तेजाब की बोतल लेकर मोहन साह पर फेंकने लगा। तेजाब पड़ते ही मोहन साह बुरी तरह झुलस गए और दर्द व जलन से जमीन पर लोटने लगे।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस पहुँचने के बावजूद मोहन साह को तत्काल अस्पताल नहीं पहुँचाया गया और परबत्ता पुलिस ने उन्हें घर में ही इलाज कराने की सलाह दी। असहनीय जलन और दर्द को बर्दाश्त न कर पाने पर बुधवार को मोहन साह को अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में भर्ती कराया गया।

मोहन साह अपने दिव्यांग मां के साथ अकेले रहते हैं। उनकी पत्नी का 2010 में निधन हो गया था। उनके चार भाई हैं, जिनमें मोहन तीसरे नंबर पर हैं और वे बाहर रहते हैं। मोहन के एक पुत्र आर्यन कुमार 18 वर्ष प्राइवेट नौकरी करते हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि मोहन साह के शरीर का बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया है और उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना न दोहराई जा सके।
परबत्ता थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तेजाब डालने की बात मोहन साह के बयान के अनुसार हुई, लेकिन सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















