



भागलपुर ।
विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दक्षिण बिहार के 67वें प्रांत अधिवेशन में भाग लेने के लिए कहलगांव इकाई से 40 छात्र-छात्राएं रविवार को रवाना हुए। यह प्रांत अधिवेशन 28 दिसंबर की संध्या से 31 दिसंबर की दोपहर तक गया कॉलेज, गयाजी में आयोजित किया जाएगा।

इस संबंध में सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि गयाजी वह पवित्र भूमि है, जहां ज्ञान, शांति और पितरों के उद्धार की परंपरा जुड़ी हुई है तथा जहां भगवान विष्णु का वास माना जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस स्थल पर आयोजित होने वाला अधिवेशन कार्यकर्ताओं के लिए विशेष अनुभव प्रदान करेगा।

आशिक कुमार ने कहा कि इस अधिवेशन के माध्यम से नए कार्यकर्ताओं को लघु बिहार के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा, जिससे उन्हें प्रदेश की विविध संस्कृति और संगठनात्मक गतिविधियों को समझने का अवसर मिलेगा। वहीं प्रियांशु कुमार ने बताया कि इस बार कई नए छात्र-छात्राएं अधिवेशन में सम्मिलित हो रहे हैं, जिन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विचार, उद्देश्य और कार्यशैली को जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
पीतांबर सिंह ने कहा कि वर्ष के अंत में सभी कार्यकर्ताओं का एक स्थान पर एकत्रित होना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है, जहां संगठन की दिशा और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श होता है।
अधिवेशन में सम्मिलित होने वाले छात्रों में ऋतिक, ऋतुराज, आकांक्षा, खुशी, अनन्या, निक्की, वनसु, उर्वसी, विनीता, साजिया, रिया, सावन, प्राची, स्वाति, साजन, विजय, मनीष रमन, शुभम, अंकित, अभिषेक, सुमित, नितेश सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल हैं।














