


कलेक्ट्रेट पहुंचकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, बांध के जीर्णोद्धार की मांग
भागलपुर जिले के काजीकोरैया बांध की स्थिति अत्यंत जर्जर हो जाने से आसपास के ग्रामीणों में गहरी चिंता व्याप्त है। यह बांध खरीक, बिहपुर और नवगछिया प्रखंड के कई गांवों को गंगा नदी की भीषण बाढ़ से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में इसकी खराब स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने इसके जल्द जीर्णोद्धार की मांग की है।
बताया गया कि पिछले वर्ष ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह इस बांध को बचाया गया था। उसी समय से ग्रामीण लगातार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सोमवार को राघोपुर काजीकोरैया बांध पुनर्निर्माण समिति के बैनर तले ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिला पदाधिकारी से मिलने का प्रयास किया। जिला पदाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिला पदाधिकारी (एडीएम) से मुलाकात कर उन्हें बांध की जर्जर स्थिति और संभावित खतरे से अवगत कराया तथा इसके शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की। एडीएम ने मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में बिंदेश्वरी मंडल, अरविंद यादव, अंजय कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, राजेश कुमार रवि, नीरज कुमार, रमेश यादव, सुरेश प्रसाद साह, अशोक मंडल और विनोद यादव शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे समिति के संयोजक बिंदेश्वरी मंडल ने कहा कि वर्ष 2008 में यह बांध टूट गया था, जिसके कारण क्षेत्र में भयंकर बाढ़ आई थी और लोग आज तक उस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते बांध का जीर्णोद्धार नहीं किया गया तो भविष्य में फिर से भारी तबाही हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
उन्होंने बताया कि कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले स्थानीय अठगामा उच्च विद्यालय परिसर में ग्रामीणों की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि बांध के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया जाएगा। इसी क्रम में आगामी 22 मार्च 2026, रविवार को स्थानीय जाह्नवी चौक पर ग्रामीणों द्वारा धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।















