


वर्षाकाल को लेकर प्रशासन सतर्क, सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश
सहरसा। आगामी वर्षाकाल और कोशी नदी के संभावित दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सलखुआ प्रखंड अंतर्गत पूर्वी कोशी तटबंध के 117 किलोमीटर बिंदु पर स्थित स्पर का निरीक्षण कर वहां चल रहे सुरक्षात्मक एवं अनुरक्षण कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंध और स्पर की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया तथा विभागीय अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों से संरचना की मजबूती एवं सुरक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कोशी नदी के संभावित जल दबाव को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों को समय पर पूरा करने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि तटबंध की सुरक्षा से जुड़े शेष सभी सुरक्षात्मक एवं अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तटबंधों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने संबंधित विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया कि तटबंध एवं स्पर की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। वर्षाकाल के दौरान संरचनाओं की सतत मॉनिटरिंग और समय-समय पर निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि कोशी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए तटबंधों की मजबूती और रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अभियंता, जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को तटबंध सुरक्षा से जुड़े कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

प्रशासन द्वारा तटबंधों की सुरक्षा को लेकर की जा रही तैयारियों से क्षेत्र के लोगों में भी भरोसा बढ़ा है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि समय पर किए जा रहे अनुरक्षण एवं सुरक्षात्मक कार्यों से वर्षाकाल में संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
















