


प्रभात फेरी, शपथ ग्रहण और जागरूकता अभियान के जरिए बाल श्रम उन्मूलन का दिया गया संदेश
भागलपुर ।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला प्रशासन एवं श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिलेभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल श्रम के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना तथा बच्चों के शिक्षा और सुरक्षित बचपन के अधिकारों को लेकर समाज को संवेदनशील बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रभात फेरी से हुई, जिसे श्रम अधीक्षक, भागलपुर एवं जिला कल्याण पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभात फेरी के दौरान प्रतिभागियों ने बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण से जुड़े नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए प्रभात फेरी ने समाज को बाल श्रम के विरुद्ध एकजुट होने का संदेश दिया।
इसके बाद विभिन्न सरकारी कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे न तो बाल श्रम को बढ़ावा देंगे और न ही किसी बच्चे को श्रम कार्य में लगाए जाने का समर्थन करेंगे। साथ ही बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही।
इस अवसर पर श्रम अधीक्षक, भागलपुर ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में व्यापक जागरूकता भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर विशेष धावा दल के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जाता है तथा बाल श्रम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।
श्रम अधीक्षक ने जिले के व्यवसायियों, प्रतिष्ठान संचालकों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को श्रम कार्य में न लगाएं तथा यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा श्रम विभाग को दें।
उन्होंने कहा कि “बाल श्रम मुक्त समाज ही विकसित, शिक्षित और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।” बच्चों को विद्यालय तक पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित बचपन प्रदान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण हेतु सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।
















