


गंगा पर बनेगा 2.44 किमी लंबा डबल लाइन रेल पुल
नवगछिया : पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सोमवार को पाटलिपुत्र–बरौनी–नवगछिया रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बहुप्रतीक्षित विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्यों एवं प्रस्तावित स्थलों का भी विस्तृत निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक नवगछिया स्टेशन पहुंचे, जहां से उन्होंने परियोजना से जुड़े विभिन्न निर्माण स्थलों का जायजा लिया। इसके बाद नवगछिया की ओर स्थित कटरिया क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे पुल और ऊपरी संरचना निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया। वहीं भागलपुर की दिशा में स्थित निर्माण स्थल तथा प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन स्थल का भी निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की गई।
रेलवे अधिकारियों ने महाप्रबंधक को बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत गंगा नदी पर 2.44 किलोमीटर लंबा डबल लाइन रेल पुल बनाया जाएगा। पुल निर्माण से संबंधित निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा मिट्टी परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) का कार्य भी संपन्न हो चुका है। मुख्य रेल पुल की डिजाइन एवं ड्राइंग तैयार करने का कार्य अगले तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मुख्य पुल के दोनों ओर रेलवे लाइन निर्माण के लिए लगभग 180 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहित की जाने वाली भूमि में आधे से अधिक निजी जमीन शामिल है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संबंधित अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं तथा प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है।
रेलवे के अनुसार करीब 2549 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना बिहार की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 26 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन भागलपुर के निकट गंगा नदी पर बनने वाले रेल पुल के माध्यम से दोनों किनारों को जोड़ेगी। इस परियोजना में विक्रमशिला स्टेशन भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड पर तथा कटरिया स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड पर स्थित है।
विशेष बात यह है कि गंगा नदी पर बनने वाला यह रेल पुल वाई (Y) आकार का होगा। पुल का उत्तरी भाग कटरिया और नवगछिया को जोड़ेगा, जबकि दक्षिणी भाग विक्रमशिला और शिवनारायणपुर स्टेशन से जुड़ेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्र का अंग क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक एवं व्यावसायिक विकास को नई गति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार के लाखों लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके पूर्ण होने से रेल यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण-दक्षिण) राजीव गुप्ता, प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक इंदू रानी दूबे, सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन, रेलवे सलाहकार समिति सदस्य मुकेश राणा सहित मुख्यालय एवं मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
















