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पूर्णिया संवाददाता। पूर्णिया जिले में भ्रमण पर आए प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। इसी क्रम में बुधवार को जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, चुनाव प्रबंधन, आपदा प्रबंधन तथा विकास परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिलाधिकारी ने पूर्णिया जिले की भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक संरचना एवं जिले की विशेष चुनौतियों से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सीमांचल क्षेत्र का महत्वपूर्ण जिला होने के कारण पूर्णिया को बाढ़, सुखाड़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी परिस्थितियों का नियमित सामना करना पड़ता है, जिसके लिए प्रशासन को हमेशा तैयार रहना पड़ता है।

जिलाधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट से लेकर मतदान और मतगणना तक की पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जाने वाली प्रशासनिक तैयारियों, मतदान केंद्रों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति तथा मतगणना संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली पूर्व तैयारियों पर भी विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन के तहत निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों की योजना तैयार की जाती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और प्रभावी प्रबंधन की बारीकियों से भी अवगत कराया।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने पूर्णिया हवाई अड्डा निर्माण परियोजना एवं उससे जुड़े भूमि अधिग्रहण कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी बड़ी विकास परियोजना को धरातल पर उतारने में प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है तथा भूमि अधिग्रहण से लेकर विभिन्न विभागों के समन्वय तक कई स्तरों पर कार्य करना पड़ता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को हवाई अड्डा निर्माण से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य भावी प्रशासनिक अधिकारियों को जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली, चुनौतियों और समाधान की प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। इस दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा, जिसमें प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

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