


पूर्णिया। सीमांचल और कोशी क्षेत्र में नशामुक्ति एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले आनंद फाउंडेशन के संस्थापक प्रीतम आनंद को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में प्रतिष्ठित “वॉयस ऑफ बिहार” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सकारात्मक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
प्रीतम आनंद ने वर्ष 2019 में सीमांचल और कोशी क्षेत्र का पहला नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (रीहैब सेंटर) स्थापित किया था। पिछले सात वर्षों के दौरान इस केंद्र ने सैकड़ों नशा एवं शराब की लत से जूझ रहे लोगों का सफल उपचार कर उन्हें सामान्य और स्वस्थ जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने का कार्य किया है।
यह सम्मान न केवल प्रीतम आनंद के व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि पूरे बिहार, विशेषकर सीमांचल और कोशी क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रीतम आनंद ने कहा कि यह पुरस्कार उन परिवारों की जीत है जिन्होंने उन पर विश्वास जताया और नशामुक्त समाज के निर्माण के अभियान में उनका साथ दिया।
उन्होंने कहा, “नशे की लत से समाज को मुक्त करना मेरा मुख्य उद्देश्य है। यह सम्मान मुझे और अधिक ऊर्जा तथा उत्साह के साथ समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।”
प्रीतम आनंद की इस उपलब्धि पर सीमांचल और कोशी क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों एवं सहयोगियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

















