


भागलपुर । सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं प्रथम शहीद गुरु, श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज का शहीदी गुरुपर्व गुरुवार, 18 जून 2026 को गुरुद्वारा रोड स्थित गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धा, भक्ति और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ लंगर एवं कच्ची लस्सी वितरण का भी आयोजन किया जाएगा।
गुरु अर्जन देव जी महाराज ने मानवता, सत्य, प्रेम और सेवा का संदेश दिया था। उन्होंने सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का संकलन किया तथा अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। धर्म और मानवता की रक्षा के लिए उन्होंने अनेक यातनाएं सहन कीं, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। वर्ष 1606 में उन्होंने धर्म की खातिर अपने प्राणों का बलिदान दिया और सिख इतिहास के प्रथम शहीद गुरु कहलाए।

उनकी शहादत आज भी मानवता को सत्य, सेवा, त्याग, धैर्य और साहस के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। शहीदी दिवस के अवसर पर देशभर के गुरुद्वारों में कीर्तन, पाठ, अरदास और छबील (मीठे शर्बत) का आयोजन किया जाता है।
गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए रागी जत्था द्वारा गुरु अर्जन देव जी महाराज के जीवन, उनके त्याग एवं बलिदान पर प्रकाश डाला जाएगा। इसके साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रहे अखंड एवं सामूहिक पाठ का विधिवत समापन भी किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए गुरुद्वारा परिसर के नीचे कच्ची लस्सी वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है। वहीं गुरुद्वारा परिसर में विशाल गुरु का लंगर भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष सरदार ताजेंद्र सिंह, संरक्षक खेमचंद बच्चानी, सचिव सरदार बलबीर सिंह, कोषाध्यक्ष मनजीत सिंह छाबड़ा, उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह भंडारी, कमेटी सदस्य अजीत सिंह, उपसचिव रमेश सूरी, हरजीत सिंह सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
यह जानकारी गुरुद्वारा कमेटी के मीडिया प्रभारी सरदार हर्षप्रीत सिंह द्वारा दी गई। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु अर्जन देव जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने और गुरु के लंगर का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
















