


भोजपुर: शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में एसटीएफ और पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल भरत तिवारी की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर पुलिस का दावा है कि भरत ने कार्रवाई के दौरान फायरिंग की, वहीं दूसरी ओर परिजन और ग्रामीण उसे समाजसेवी बताते हुए एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
परिजनों के अनुसार भरत तिवारी एक रिटायर्ड जवान का बेटा था और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहता था। परिवार का कहना है कि उसने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद की और स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से भी संपर्क करता था। भरत की मां ने आरोप लगाया कि उसे धोखे से बुलाकर मारा गया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया। कुछ लोगों का आरोप है कि भरत को आत्मसमर्पण के बाद गोली मारी गई, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
















