


नवगछिया : “मृत्यु अंत नहीं, बल्कि किसी और के जीवन की नई शुरुआत भी बन सकती है।” इसी प्रेरक संदेश के साथ रविवार को नवगछिया में दधीचि देहदान समिति की नई शाखा का गठन किया गया। स्थानीय मारवाड़ी विवाह भवन में आयोजित बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने तथा मानव सेवा के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बैठक में समिति के क्षेत्रीय संगठन मंत्री निर्मल जैन (मुंगेर) एवं प्रदेश के वरीय उपाध्यक्ष तथा पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अरुण कुमार सत्यमूर्ति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद केजरीवाल ने की, जबकि मंच संचालन विनय प्रकाश ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शांति मंत्र, दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का संदेश दिया।
इस अवसर पर विनोद केजरीवाल एवं श्रीधर खंडेलवाल ने क्षेत्रीय संगठन मंत्री निर्मल जैन को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वहीं मुरारीलाल पंसारी एवं अरुण मावंडिया ने अधिवक्ता अरुण कुमार सत्यमूर्ति का सम्मान किया। स्वागत भाषण में विनोद केजरीवाल ने कहा कि नवगछिया में समिति की शाखा का गठन समाज सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी अतिथियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
जाति-पाति से ऊपर उठकर करें मानव सेवा
मुख्य वक्ता निर्मल जैन ने कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी सार्थकता दूसरों के काम आने में है। उन्होंने कहा कि जाति, पंथ और वर्ग से ऊपर उठकर समाज सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “देश हमें बहुत कुछ देता है, इसलिए हमें भी समाज और देश को कुछ लौटाने का संकल्प लेना चाहिए।”
उन्होंने नेत्रदान, अंगदान और देहदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अंग और नेत्र कई लोगों के जीवन में नई रोशनी ला सकते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपने परिवार के साथ चर्चा कर नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने की अपील की।
प्रदेश के वरीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार सत्यमूर्ति ने कहा कि दधीचि देहदान समिति केवल एक संगठन नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा कि रक्तदान, नेत्रदान और अंगदान जैसे कार्य समाज के लिए सबसे बड़ा योगदान हैं।
कार्यक्रम के दौरान विनोद केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से नेत्रदान का संकल्प लिया। उनके इस निर्णय का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
नवगछिया में रक्त, नेत्र और अंगदान की बेहतर व्यवस्था की उठी मांग
बैठक में श्रीधर खंडेलवाल ने नवगछिया में स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि रक्तदान के बाद रक्त को भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेजना पड़ता है। वहीं नेत्रदान एवं अंगदान के लिए भी स्थानीय स्तर पर कोई समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। उन्होंने समिति के प्रदेश पदाधिकारियों से नवगछिया एवं भागलपुर में इस दिशा में आवश्यक व्यवस्था विकसित करने की मांग की।

नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से हुआ गठन
बैठक के अंतिम चरण में नवगछिया शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। क्षेत्रीय संगठन मंत्री निर्मल जैन ने नई टीम की घोषणा करते हुए सभी पदाधिकारियों से समाज सेवा के इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नई कार्यकारिणी में विनोद केजरीवाल को संरक्षक, चंद्रगुप्त साह को अध्यक्ष तथा विनय प्रकाश को महासचिव बनाया गया। इसके अलावा श्रीधर खंडेलवाल एवं अमित कुमार मुकुल को उपाध्यक्ष, संतोष गुप्ता एवं रमेश चौधरी को सहसचिव, विक्रम भूडोलिया को वित्त सचिव-सह-कोषाध्यक्ष तथा अशोक कुमार केडिया को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।

कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ. संदीप कुमार गुप्ता, मुरारीलाल पंसारी, रामेश्वर, अरुण मावंडिया, अमित कुमार वर्मा, संतोष कनोडिया, राजीव गुप्ता, मुकेश राणा, मिथिलेश कुमार, मनोज मंडल, बमबम, अनुपम भारती, रितेश कुमार केजरीवाल और डॉ. रजनीकांत देव सहित अन्य सदस्यों को मनोनीत किया गया।
महासचिव विनय प्रकाश ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में श्रवण कुमार, संजय कसेरा, अभिषेक कुमार, कृष्णन, गोपाल कुमार, संदीप यादुका, पदमाक्ष केशव, स्नेह सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
नवगठित समिति ने संकल्प लिया कि नवगछिया क्षेत्र में नेत्रदान, अंगदान, देहदान और रक्तदान के प्रति जनजागरण अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ा जाएगा।
















