


पूर्णिया: भारत सरकार ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई पहल करते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर “विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” (विकसित भारत–जी राम जी) योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू कर दिया है। बिहार सरकार ने भी ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन की अधिसूचना जारी कर दी है।

योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को जिला समाहरणालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय जन सम्मेलन-सह-शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने भाग लिया।
राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा किया गया। भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित जन सम्मेलन में योजना की प्रमुख विशेषताओं, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में मांग आधारित 125 दिनों के अकुशल रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना तथा आजीविका के अवसरों का विस्तार इस योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं।
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र ग्रामीण परिवारों को समय पर योजना का लाभ मिले तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार, डीआरडीए के निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े पदाधिकारी-कर्मी तथा पंचायतों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
















