


नवगछिया । रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव की रहने वाली जूली देवी ने अपने 15 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार की सकुशल बरामदगी को लेकर नवगछिया के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है। तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बेटे का कोई सुराग नहीं मिलने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र बरामदगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एसपी को दिए आवेदन में जूली देवी ने बताया कि उनका पुत्र दीपक कुमार 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
आवेदन के अनुसार, दीपक का रंग सांवला, लंबाई लगभग पांच फीट है। घर से निकलते समय उसने आसमानी रंग की जींस और नीले रंग की शर्ट पहन रखी थी। उसके पास 8486272130 नंबर का एक स्मार्टफोन भी था। परिजनों ने कई बार इस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में इसी नंबर से व्हाट्सएप कॉल, संदेश और आपत्तिजनक वीडियो भेजे जाने लगे।
जूली देवी ने आरोप लगाया कि जब उक्त नंबर पर संपर्क किया गया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने मामले को एक लड़की से जुड़ा बताया। इसी बीच परिजनों को इंस्टाग्राम की “m:monuraj” नामक आईडी पर दीपक की दो तस्वीरें दिखाई दीं। संपर्क करने पर एक युवती ने स्वयं को मोनू राज की बहन बताते हुए कहा कि उसका भाई गुजरात के वापी में रहता है और दीपक कुछ दिनों तक उसके साथ था। युवती ने यह भी दावा किया कि दीपक को बाद में एक पेन फैक्ट्री में काम पर लगा दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार फोन कर केवल इतना कहा जाता रहा कि दीपक फैक्ट्री में काम कर रहा है, लेकिन कभी उसकी सीधे बात नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, एक कॉल करने वाले ने कथित तौर पर धमकी भरे लहजे में कहा, “जो करना है कर लीजिए, दीपक नहीं मिलेगा।” इस घटना के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस संबंध में रंगरा थाना में भी आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार जानकारी लेने पर पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें डांट-फटकार कर वापस भेज दिया जाता है।
जूली देवी ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर अपने नाबालिग बेटे की सकुशल बरामदगी तथा मामले में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, परिवार आज भी दीपक के सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद लगाए हुए है।
















