


पूर्णिया। सिटी कालीबाड़ी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित 15 दिवसीय श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव–2026 के अंतर्गत सोमवार को तीन दिवसीय श्री जगन्नाथ लीलामृत कथा का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कथा का श्रवण किया तथा कथा व्यास आदित्य जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति के सदस्यों ने शॉल ओढ़ाकर महापौर का स्वागत किया।

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महापौर विभा कुमारी ने कहा कि पूर्णिया के लिए यह अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है कि पहली बार भगवान जगन्नाथ की लीलाओं पर आधारित इस दिव्य कथा का आयोजन हो रहा है। उन्होंने मंदिर समिति एवं आयोजन समिति को इस धार्मिक आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने भगवान जगन्नाथ से नगरवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि के स्वामी भगवान जगन्नाथ सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने पूर्णिया आगमन पर कथा व्यास एवं पूरी कथा मंडली का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह आयोजन शहर की धार्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
महापौर ने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाली इस कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा से जुड़ी पौराणिक कथाओं और उनकी महिमा को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की मूर्तियों के निर्माण की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के देहावसान के बाद उनका दिव्य हृदय समुद्र में प्रवाहित किया गया था। बाद में राजा इंद्रद्युम्न उस दिव्य काष्ठ को पुरी लेकर आए, जिससे भगवान विश्वकर्मा ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं का निर्माण प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रतिमाएं अधूरी क्यों रह गईं, इसकी विस्तृत कथा श्रद्धालुओं को इस लीलामृत कथा के माध्यम से सुनने को मिलेगी।
महापौर ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करने तथा 16 जुलाई को आयोजित भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं।
इस अवसर पर नित किशोर पांडे, शंभू दयाल दुबे, विकास शुक्ला, गौतम मुखर्जी, अखिलेश चंद्र मिश्रा, काशी चौधरी, राकेश कुमार राय, दीपिका दा, मंजीत सिंह, अजय दास, उमेश चौधरी, रवि राय, राजा सिंह सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
















