


नवगछिया के एनएच-31 पर अजय ढाबा के समीप तड़के हुआ भीषण सड़क हादसा, दशकर्म में शामिल होने जा रहा था परिवार

नवगछिया पुलिस जिला के रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर अजय ढाबा के समीप रविवार तड़के करीब चार बजे हुए भीषण सड़क हादसे में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) से सेवानिवृत्त अधिकारी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी डॉक्टर पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घायल पुत्री का प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
मृतक की पहचान बेगूसराय जिले के मझौल थाना क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय शंकर कुमार सिंह , पिता स्व. सुरेश प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि शंकर कुमार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), असम से 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह परिवार के साथ अपने ससुर के दशगात्र संस्कार में शामिल होने के लिए बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र स्थित महादेवपुर जा रहे थे।
दो वाहनों से सफर कर रहा था परिवार
परिजनों के अनुसार परिवार दो वाहनों से यात्रा कर रहा था। सबसे आगे बोलेरो वाहन में उनका पुत्र अपनी मां के साथ चल रहा था, जबकि पीछे होंडा सिटी कार स्वयं शंकर कुमार चला रहे थे। उनके साथ उनकी 25 वर्षीय पुत्री डॉ. शालू कुमारी भी सवार थीं, जो पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में एमएस की पढ़ाई कर रही हैं।
सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने मारी टक्कर
बताया जाता है कि जैसे ही उनकी कार रंगरा थाना क्षेत्र के अजय ढाबा के समीप पहुंची, पूर्णिया की ओर जा रही तेज रफ्तार कोहिनूर बस ने सामने से आकर कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि होंडा सिटी कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार चला रहे शंकर कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गई।
स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की सहायता से घायल डॉ. शालू कुमारी को तत्काल नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर रेफर कर दिया।
पुलिस ने बस और कार को किया जब्त
घटना की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस एवं रंगरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त बस और कार को जब्त कर रंगरा थाना लाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सेवानिवृत्ति के दो दिन बाद ही छा गया मातम
परिजनों ने बताया कि शंकर कुमार ने 31 जुलाई को आईओसी, असम से अपनी लंबी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद वह परिवार के साथ असम से निकले थे। पहले उन्हें बांका के महादेवपुर स्थित ससुराल में दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होना था, जिसके बाद बेगूसराय अपने घर लौटना था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। महादेवपुर पहुंचने से पहले ही नवगछिया में यह भीषण हादसा हो गया और परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
अनुमंडल अस्पताल में मचा रहा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही बेगूसराय और महादेवपुर से बड़ी संख्या में परिजन नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में शोक और चीख-पुकार का माहौल बना रहा। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों की आंखों के सामने सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ नए जीवन की शुरुआत का सपना पलभर में बिखर गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित निगरानी की मांग की है।
















