


भागलपुर। शुक्रवार को पूरा देश जहां रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना रहा था, वहीं भागलपुर की दो बहनों के लिए यह त्योहार इंतजार और दर्द के बीच बीता। लुशी और शोभा अपने लापता भाई बादल मंडल के लौटने की आस लगाए बैठी रहीं। हाथ में राखी थी और दिल में बस एक उम्मीद—भाई मिल जाए तो उसकी कलाई पर राखी बांध सकें।
दो दिन पहले भागलपुर के राघोपुर तटबंध के पास हुए नौका हादसे में बादल मंडल डूब गए थे। हादसे के बाद से अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दोनों बहनें लगातार भाई के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।

लुशी और शोभा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन भी उनकी निगाहें भाई के लौटने की राह देखती रहीं। उन्होंने कहा कि अगर हादसे में लापता उनके भाई बादल मिल जाते हैं, तो वे सबसे पहले उनकी कलाई पर राखी बांधेंगी। उनके लिए इस बार रक्षाबंधन की खुशियों से कहीं अधिक जरूरी अपने भाई की सुरक्षित वापसी थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय भी पीड़ित परिवार और दोनों बहनों से मिलने पहुंचीं। बहनों को रोते-बिलखते देखकर डीएम भी भावुक हो गईं। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ बादल मंडल की तलाश करा रहा है।

रक्षाबंधन का पर्व बीत गया, लेकिन दोनों बहनों की राखी अब भी भाई की कलाई का इंतजार कर रही है। आंखों में आंसू और दिल में उम्मीद लिए बहनें बस यही चाहती हैं कि उनका भाई सुरक्षित वापस लौटे, ताकि वे उसकी कलाई पर राखी बांध सकें।
















