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प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर को हवाई मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। लोकसभा में सांसद अजय कुमार मंडल के तारांकित प्रश्न संख्या-65 के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने भागलपुर हवाई पट्टी के विस्तार और ATR-72 विमानों के संचालन की व्यवहार्यता का अध्ययन पूरा कर लिया है। अप्रैल 2026 में तैयार की गई यह रिपोर्ट बिहार सरकार को सौंप दी गई है। इससे भागलपुर को क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ (RCS-UDAN) के तहत विकसित किए जाने की संभावनाएं पहले से अधिक मजबूत हो गई हैं।
संसद में सरकार ने क्या बताया?
नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने लोकसभा में दिए उत्तर में स्पष्ट किया कि बिहार सरकार के अनुरोध पर AAI की बहु-विषयक टीम ने मौजूदा भागलपुर हवाई पट्टी का तकनीकी और परिचालन दृष्टि से विस्तृत अध्ययन किया। अध्ययन में रनवे विस्तार, ATR-72 जैसे विमानों के संचालन की संभावनाओं और आवश्यक आधारभूत ढांचे का आकलन किया गया। रिपोर्ट अब बिहार सरकार के पास है और आगे की कार्रवाई राज्य सरकार तथा केंद्र के समन्वय से होगी।
उड़ान योजना में शामिल होने की उम्मीद
सरकार ने यह भी बताया कि ‘उड़ान’ योजना के अगले चरण में अगले 10 वर्षों में देशभर के 120 नए असेवित और अल्पसेवित हवाई अड्डों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत राज्य सरकारें अपने प्रस्ताव भेज सकती हैं। अंतिम चयन भूमि की उपलब्धता, तकनीकी व्यवहार्यता, आधारभूत संरचना, यात्री क्षमता, वैधानिक मंजूरियों और राज्य सरकार के सहयोग जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा।
ऐसे में भागलपुर की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
दिल्ली, कोलकाता और पटना के लिए सीधी उड़ानों की उम्मीद
सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि उनका लगातार प्रयास है कि भागलपुर से दिल्ली, कोलकाता, पटना सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू हो। उनका मानना है कि हवाई संपर्क शुरू होने से भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, कटिहार तथा आसपास के जिलों के लाखों लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित सुल्तानगंज ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास से पूरे पूर्वी बिहार में निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई उड़ान
विशेषज्ञों का मानना है कि भागलपुर एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। भागलपुर का रेशम उद्योग, कृषि उत्पाद, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त कर सकेंगी। इससे निवेश आकर्षित होगा और पर्यटन, विशेषकर विक्रमशिला एवं सुल्तानगंज जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
अभी क्या बाकी है?
हालांकि व्यवहार्यता अध्ययन पूरा हो चुका है, लेकिन उड़ानों के संचालन से पहले कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इनमें आवश्यक भूमि की उपलब्धता, राज्य सरकार की स्वीकृतियां, आधारभूत ढांचे का विकास, तकनीकी मानकों का पालन और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी शामिल है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही भागलपुर को ‘उड़ान’ योजना के तहत शामिल कर वाणिज्यिक उड़ानों का रास्ता पूरी तरह साफ होगा।
मुख्य बातें
AAI ने अप्रैल 2026 में भागलपुर एयरपोर्ट की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर बिहार सरकार को सौंपी।
ATR-72 विमानों के संचालन और रनवे विस्तार की संभावनाओं का अध्ययन पूरा।
भागलपुर को ‘उड़ान’ योजना में शामिल किए जाने की संभावना मजबूत।
दिल्ली, कोलकाता, पटना सहित प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानों की उम्मीद बढ़ी।
सुल्तानगंज ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी क्षेत्रीय विकास की बड़ी परियोजना माना जा रहा है।

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