


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। राघोपुर में बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ाईं तो प्रशासन ने राहत के साथ इलाज का इंतजाम भी चौबीसों घंटे मजबूत कर दिया। खरीक के राघोपुर पंचायत क्षेत्र में चल रहे पांच अस्थायी राहत शिविर अब 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहेंगे।

बाढ़ प्रभावित लोगों को शिविर से ही चिकित्सकीय परामर्श और जरूरी उपचार मिल सके, इसके लिए सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने चिकित्सा दलों की प्रतिनियुक्ति की है। यह व्यवस्था 28 अगस्त से अगले आदेश तक जारी रहेगी।
रात में भी मिलेगा इलाज
बाढ़ के दौरान बीमारी या अचानक तबीयत बिगड़ने पर लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। प्रत्येक शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी तीन पालियों में लगाई गई है।
पहली पाली: सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक
दूसरी पाली: दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक
तीसरी पाली: रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक
यानी राहत शिविरों में दिन-रात चिकित्सा दल उपलब्ध रहेंगे।
इन पांच जगहों पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
राघोपुर के जिन राहत शिविरों में चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं, उनमें –
राजकीय मध्य विद्यालय, राघोपुर
काली स्थान, राघोपुर
सामुदायिक भवन, वार्ड नंबर-06
दुर्गा स्थान, राघोपुर, वार्ड नंबर-09
जमींदारी बांध, दुर्गा मंदिर के नजदीक शामिल हैं।

यह व्यवस्था जिलाधिकारी द्वारा 27 अगस्त को बाढ़ की स्थिति को लेकर की गई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद लागू की गई है। प्रशासन का फोकस सिर्फ लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। प्रतिनियुक्त चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शिविरों में मौजूद रहकर प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे।
















