


भागलपुर में शुक्रवार का दिन राजनीति और सामाजिक सरोकार दोनों दृष्टि से खास रहा। कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के तहत राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव भागलपुर पहुंचे। यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी और इसी बीच एक अनोखा वाकया सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दरअसल, जब राहुल गांधी रैली में मौजूद थे और समर्थक उनसे मिलने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक महिला ने मीडिया से कहा कि वह यहां राहुल गांधी को नहीं, बल्कि राजीव गांधी को देखने आई हैं। महिला के इस बयान ने सभी को चौंका दिया। देखते ही देखते यह बात भीड़ के बीच चर्चा का विषय बन गई और लोग उस महिला के आसपास जुट गए। यह दृश्य वहां मौजूद पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक चर्चा में रहा।
आंदोलन के स्वर हुए तेज
यात्रा के दौरान कांग्रेस और राजद के कई स्थानीय नेताओं ने सभा को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल जल अधिकार तक सीमित नहीं है, बल्कि जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उनका कहना था कि जनता अब अपने हक और अधिकार के लिए सड़कों पर उतर चुकी है और यह आंदोलन किसी भी कीमत पर रुकने वाला नहीं है।
नेताओं ने यह भी कहा कि चाहे “माय बहन योजना” हो या देश की अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं, वे तभी सफल हो सकती हैं जब कांग्रेस और इंडिया गठबंधन सत्ता में आएं। भारी जनसमर्थन को देखते हुए यह भी दावा किया गया कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक होगा।
जनता की उम्मीदें और सवाल
महिला का “राजीव गांधी” वाला बयान प्रतीकात्मक रूप से भी देखा जा रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता आज भी कांग्रेस को राजीव गांधी के दौर की उम्मीदों और वादों से जोड़कर देखती है। वहीं कुछ लोग इसे जनता के भीतर अब भी बीते दौर की राजनीति के प्रति विश्वास का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे भावनाओं का क्षणिक उभार बता रहे हैं।
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