



भागलपुर में शनिवार देर शाम बदमाशों ने फॉरेस्ट विभाग के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) और उनके भाई पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने न सिर्फ दोनों भाइयों की पिटाई कर उनका सिर फोड़ दिया, बल्कि एएसआई से मोबाइल फोन और सोने का लॉकेट भी छीनकर फरार हो गए। यह घटना नाथनगर थाना क्षेत्र के दोगछी गांव की बताई जा रही है।

घायल एएसआई की पहचान मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के मनोहरपुर नवटोलिया गांव निवासी विकास यादव के रूप में हुई है, जो वर्तमान में कैमूर जिले में फॉरेस्ट विभाग में पदस्थापित हैं। वहीं उनके भाई का नाम नीतीश कुमार है।
विकास यादव ने बताया कि वे अपनी बहन के घर दोगछी नवटोलिया आए हुए थे। शुक्रवार की रात पास के गांव में आयोजित यज्ञ देखने के लिए वे और उनका भाई गए थे। लौटते समय मेले में उनका भतीजा खो गया। उसकी तलाश में दोनों दोबारा फतेहपुर की ओर जा रहे थे। रात का समय होने के कारण सड़क सुनसान थी।
इसी दौरान रास्ते में पांच बदमाशों ने उनके भाई नीतीश को घेर लिया और बाइक छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने नीतीश की बेरहमी से पिटाई कर दी। पीछे से पहुंचे विकास यादव ने भाई को बचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया। हमलावरों ने लोहे के रॉड और धारदार हथियार से दोनों के सिर पर वार किए, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। विकास यादव के शरीर पर कई कटे-फटे घाव भी आए हैं।

हमले के बाद बदमाश विकास यादव का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सोने का लॉकेट लूटकर फरार हो गए। घायल अवस्था में दोनों भाइयों का स्थानीय क्लिनिक में इलाज कराया गया।
शनिवार को विकास यादव ने सहयोगियों और रिश्तेदारों की मदद से बदमाशों की पहचान भी कर ली है। पीड़ित पक्ष का यह भी दावा है कि इनमें से एक बदमाश ने अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है। हालांकि, अब तक नाथनगर थाने में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
नाथनगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने बताया कि पीड़ितों की ओर से लिखित आवेदन मिलते ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
















