



भागलपुर के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां दारोगा के पिता का शव दो दिनों तक घर के अंदर लटका रहा और किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। जब घर से बदबू आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

मृतक की पहचान दिनेश्वर धाम, दाल मील रोड निवासी 60 वर्षीय निरंजन मंडल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार घर का मुख्य गेट और कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची, इसके बाद मोजाहिदपुर थाना पुलिस भी वहां पहुंची। पुलिस ने गैस कटर की मदद से लोहे का दरवाजा काटकर भीतर प्रवेश किया, जहां वृद्ध का शव मिला।

शव को बाहर निकालने में पुलिस को करीब तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। मृतक के चार बेटों में से एक सुमन कुमार आरा में दारोगा के पद पर तैनात हैं। घटना की जानकारी मिलते ही वे भी भागलपुर पहुंच गए।
मोजाहिदपुर थानेदार धीरेंद्र यादव ने बताया कि वृद्ध का शव बंद कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। परिजनों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।
परिवार गोड्डा गया था, खाली घर में घटी घटना
निरंजन मंडल का पूरा परिवार उनके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने गोड्डा गया था। दो दिनों से घर का मुख्य गेट बंद था। मकान से सटा एक कमरा है जहां प्रिंस सौरभ नामक युवक कोचिंग चलाता है। वह दुर्गंध महसूस होने पर तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी।
मृतक की पत्नी सरिता देवी ने बताया कि वह बेटी के साथ गोड्डा शादी समारोह में गई थीं। दो दिन पहले ही उनका बेटा सुमन भागलपुर आकर अपने पिता से मिलकर गया था। सरिता देवी ने बताया कि उनके पति को सुनाई कम देता था और पहले वह चालक का काम करते थे, पर बेटे की नौकरी लगने के बाद उन्होंने काम छोड़ दिया था।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि निरंजन मंडल कुछ समय से मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे।
कोचिंग संचालक प्रिंस सौरभ ने कहा कि दो दिनों से मेन गेट नहीं खुला था। बदबू आने पर उन्होंने तुरंत मृतक के बेटे को फोन किया।

















