


भागलपुर । बिहार सरकार के जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत भागलपुर आईटीआई कॉलेज परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों तथा एनसीसी कैडेट विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर छात्रों को वृक्षों के महत्व, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तथा हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और लगातार घटते हरित क्षेत्र मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना समय की आवश्यकता है।

कॉलेज के सीटीओ शशिकांत कुमार ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
कार्यक्रम में हवलदार मनोज केसी, एनसीसी कैडेट राहुल कुमार झा, आयुष कुमार, ऋषभ कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी ने कॉलेज परिसर को हरा-भरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण तैयार करना था।















