


नवगछिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उत्तर बिहार प्रांत के नवगछिया जिले में चल रहे व्यापक गृह संपर्क महाअभियान के तहत संघ के कार्यकर्ताओं ने जगद्गुरु रामानुजाचार्य परम पूज्य स्वामी आगमानंद जी महाराज से भेंट की। इस दौरान संघ के जिला बौद्धिक प्रमुख स्नेह कुमार ने स्वामी आगमानंद जी महाराज को संघ की पुस्तक ‘संगठन व सेवा के 100 वर्ष’ भेंट की। साथ ही आगामी 15 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।
इस अवसर पर स्नेह कुमार ने गृह संपर्क अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ‘आओ बनाएं समर्थ भारत’ के नारे के साथ संघ के स्वयंसेवक गांव-गांव और घर-घर जाकर संगठन की स्थापना, उसके उद्देश्यों, कार्यक्रमों और सेवा गतिविधियों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक संघ के कार्यों तथा राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका का व्यापक परिचय देना है। स्वयंसेवक पत्रकों के वितरण और व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से संघ के इतिहास, उसके विस्तार और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी साझा कर रहे हैं।
बताया गया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। संघ का लक्ष्य एक संगठित, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है। समाज का संगठन और अनुशासन ही राष्ट्र की मजबूती का आधार है, इसी सिद्धांत पर संघ की कार्यसंस्कृति आधारित है।
संघ से जुड़े स्वयंसेवक स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम विकास, जैविक खेती, पर्यावरण संरक्षण, गौ-संरक्षण और स्वावलंबन जैसी गतिविधियों से जुड़े एक लाख 29 हजार से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आपदा और संकट के समय सबसे पहले पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करना संघ की पहचान बन चुकी है।
संघ ने भविष्य के लिए पांच प्रमुख लक्ष्यों को भी निर्धारित किया है, जिनमें परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन प्रमुख हैं।
















