


नवगछिया :
मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना नवगछिया पुलिस जिला के परबत्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत बहतरा गांव से सामने आई है। यहां एक कलयुगी पुत्र ने अपनी ही मां को लाठी-डंडे से बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल महिला की पहचान उमा देवी पति–सिकंदर साह के रूप में हुई है।
अयोध्या से लौटते ही टूटा कहर
पीड़ित महिला उमा देवी नें रोते बिलखते बताया कि हाल ही में अयोध्या से भगवान श्रीराम के मंदिर का दर्शन कर अपने गांव लौटी थीं। धार्मिक यात्रा से लौटने के बाद वह प्रसाद लेकर अपने बड़े पुत्र के घर पहुंचीं। इसी बात की जानकारी जब उनके छोटे पुत्र दीपक को मिली, तो वह आक्रोशित हो उठा।

बताया जा रहा है कि दीपक नशे का आदी है और अक्सर नशे की हालत में परिवार के साथ मारपीट करता रहता है। मंगलवार को भी वह नशे में धुत होकर घर पहुंचा और बिना किसी बात के अपनी मां के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
लाठी-डंडे से बेरहमी से पिटाई
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दीपक ने लाठी-डंडा उठाकर अपनी ही मां पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने उमा देवी को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा। इस दौरान उनके पैरों से खून बहने लगा और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ममता के कारण सहती रही अत्याचार
घायल उमा देवी ने बताया कि उनके चार पुत्र हैं, जिनमें से दो बाहर रहकर रोजगार करते हैं और दो घर पर ही रहते हैं। सबसे छोटा पुत्र दीपक अविवाहित है और नशे की लत में पड़ चुका है। मां होने के नाते वह उसकी देखभाल के लिए उसके साथ ही रहती हैं, लेकिन वही पुत्र अक्सर उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करता है।
उन्होंने बताया कि कई बार मारपीट के बावजूद वह बेटे से अलग नहीं हो पातीं, क्योंकि उन्हें उसकी चिंता सताती रहती है कि वह कैसे खाएगा और कैसे रहेगा।

पेंशन के पैसों को लेकर भी होता है विवाद
उमा देवी ने बताया कि उनके पति सिकंदर साह फिलहाल बड़े बेटे के साथ रहते हैं, क्योंकि छोटा पुत्र उनके साथ भी मारपीट करता है। वृद्ध दंपत्ति को सरकार की ओर से 1100-1100 रुपये की पेंशन मिलती है, जिससे उनका जीवन-यापन चलता है। आरोप है कि छोटा पुत्र दीपक इस पेंशन की राशि पर भी नजर रखता है और बार-बार पैसे की मांग करता है। इसी को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता है।
घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तत्काल नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज किया गया । पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पुत्र के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। नशे की लत और पारिवारिक हिंसा किस तरह रिश्तों को खत्म कर रही है, इसका यह ज्वलंत उदाहरण है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय रहते सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी मां को अपने ही बेटे के हाथों इस तरह की यातना न सहनी पड़े।













