


NHAI के साथ बैठक में राजमहल-बहादुरगंज एक्सप्रेसवे सहित कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर हुई चर्चा
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कोशी-सीमांचल क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सदस्य अनिल चौधरी से मुलाकात की। बैठक में क्षेत्र के लिए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार तथा धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सांसद ने राजमहल (झारखंड) से गंगा नदी पार कर कटिहार, प्राणपुर, डगरुआ और बायसी होते हुए बहादुरगंज तक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को आगे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे सीमांचल, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बीच आवागमन एवं व्यापार को नई गति मिलेगी।
इसके अलावा सांसद ने कोढ़ा-कटिहार-मालदा राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की मांग भी की। उन्होंने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को मुरलीगंज से जोड़ने, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को सिमराही से बाबा सिंहेश्वर स्थान तक विस्तारित करने तथा प्रस्तावित राजमहल-बहादुरगंज एक्सप्रेसवे को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सुझाव दिया।
सांसद ने कहा कि बाबा सिंहेश्वर स्थान पूर्वी भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क संपर्क ही विकास की आधारशिला है। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, उद्योग, कृषि और पर्यटन को नई गति मिलेगी। किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
सांसद ने बताया कि कुर्सेला, नवगछिया, नवलाल चौक, हरदा और कोढ़ा में ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है तथा टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। साथ ही पूर्णिया, डगरुआ और बैसी को जोड़ने वाले नए राष्ट्रीय राजमार्ग की दिशा में भी सकारात्मक प्रगति हुई है।
बैठक को सकारात्मक बताते हुए सांसद ने कहा कि NHAI सदस्य अनिल चौधरी ने सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूर्णिया, कटिहार, कोशी और सीमांचल क्षेत्र पूर्वी भारत के विकास मानचित्र पर नई पहचान बनाएंगे तथा झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश से उनकी कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।
सांसद ने कहा कि उनका उद्देश्य कोशी-सीमांचल के किसी भी क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से पीछे नहीं रहने देना है और इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।
















