5
(1)

भागलपुर। सिविल सर्जन कोठी परिसर स्थित हजरत मेंहदी शाह रहमतुल्लाह अलैह और हजरत अनजान शाह रहमतुल्लाह अलैह की मजार के मुख्य द्वार पर लगाए गए ताले को लेकर पिछले कई दिनों से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ था। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि आखिर मजार का मुख्य गेट क्यों बंद किया गया है।

इन्हीं सवालों और विवादों के बीच सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए केवल आपातकालीन उपयोग में आने वाले छोटे गेट को बंद किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजार पर इबादत, जियारत या दुआ करने आने वाले लोगों को कभी नहीं रोका गया है और न ही भविष्य में ऐसा कोई प्रतिबंध लगाने की योजना है।

डॉ. प्रसाद ने यह भी बताया कि मजार सरकारी भूमि पर स्थित है, इसलिए परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी कारण कुछ गेटों को बंद करना आवश्यक कदम था। उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि धार्मिक परंपराओं, आस्था और श्रद्धा का पूरा सम्मान किया जाता है और लोग पहले की तरह मजार पर आकर जियारत कर सकते हैं।

सिविल सर्जन के इस बयान के बाद स्थानीय लोगों के बीच फैली गलतफहमियां काफी हद तक दूर हो गईं और माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: