


मिल्लिया बीएड कॉलेज में आयोजित हुआ प्रेरणादायी कार्यक्रम
पूर्णिया। मिल्लिया फखरूद्दीन अली अहमद बी.एड. शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, रामबाग, पूर्णिया में सोमवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं “मिसाइल मैन” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शहबाज रिजवी ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन संघर्ष, सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के रामेश्वरम में साधारण परिवार में जन्म लेने वाले डॉ. कलाम ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति तक का सफर तय किया। उनका जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का मानना था कि यदि व्यक्ति अपने सपनों को साकार करने का संकल्प ले, तो कोई भी परिस्थिति उसे सफल होने से नहीं रोक सकती। उनके विचार आज भी युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्राचार्य ने डॉ. कलाम के वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा भारतीय अंतरिक्ष एवं रक्षा कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैलिस्टिक मिसाइल एवं प्रक्षेपण यान तकनीक के विकास में उनके योगदान के कारण उन्हें “मिसाइल मैन” के नाम से विश्वभर में पहचान मिली। वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद भी उन्होंने शिक्षा, लेखन और युवाओं के मार्गदर्शन को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें विंग्स ऑफ फायर, इंडिया 2020, माई जर्नी तथा इग्नाइटेड माइंड्स आज भी युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने भी डॉ. कलाम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन शिक्षा, विज्ञान, राष्ट्रनिर्माण और मानवता के प्रति समर्पित रहा।
अंत में प्राचार्य डॉ. शहबाज रिजवी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सहायक प्राध्यापक ध्रुव कुमार सहित सभी शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी महान विभूतियों के जीवन एवं विचारों से छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में डॉ. मुरलीधर कुमार, पंकज कुमार जोशी, ध्रुव कुमार, कमलेश कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, राजीव कुमार, सौरभ कुमार, अंसारूल हक, शादाब कौशर, मो. सफीर अहमद, सूरज कुमार सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
















