


नवगछिया :
खरीक थाना क्षेत्र के बगड़ी गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में स्नान करने के दौरान दो किशोरों की पोखर में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान खगड़िया जिले के भरतखंड थाना क्षेत्र निवासी विभूति यादव के 12 वर्षीय पुत्र बलवीर कुमार तथा भागलपुर के नाथनगर प्रखंड निवासी केसो यादव के 10 वर्षीय पुत्र विक्रम कुमार के रूप में हुई है। दोनों सगे मौसेरे भाई थे और रामनवमी के अवसर पर अपनी मां के साथ खरीक थाना क्षेत्र के बगड़ी गांव स्थित अपने ननिहाल आए हुए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे अपने नाना कैलाश यादव के बासा पर घूमने गए थे, जहां से लगभग 100 मीटर की दूरी पर जेसीबी से बना एक पोखर स्थित है। भीषण गर्मी के कारण दोनों बच्चे उस पोखर में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिससे दोनों की डूबकर मौत हो गई।
घटना के समय आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने बच्चों को डूबते देखा और उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों बच्चे गहरे पानी में समा चुके थे। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना मिलते ही खरीक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेज दिया। खरीक अंचल पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के घर में कोहराम मच गया है। बलवीर कुमार की मां सुगापंखी देवी और विक्रम कुमार की मां अजोला देवी समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि बलवीर तीन भाइयों में सबसे छोटा था और चौथी कक्षा का छात्र था, जबकि विक्रम दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था तथा दूसरी कक्षा में पढ़ता था। दोनों के पिता खेती-बाड़ी एवं मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
खरीक थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि पोखर में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के बयान के आधार पर यूडी केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खुले पोखरों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
















