


पूर्णिया। उद्योग निदेशालय, बिहार के निर्देश एवं जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के मार्गदर्शन में सोमवार को पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय में बिहार स्टार्ट-अप कार्यक्रम के तहत “पिच डेक प्रिपरेशन” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्टार्ट-अप सेल, पूर्णिया एवं जिला उद्योग केंद्र, पूर्णिया के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यशाला में मुख्य विशेषज्ञ के रूप में क्रिएटर माइंड्स के कुशागर सिंह ने भाग लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी पिच डेक तैयार करने, स्टार्ट-अप आइडिया को निवेशकों के समक्ष आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने तथा निवेश प्राप्त करने की रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी।
जिला उद्योग केंद्र के प्रभारी महाप्रबंधक मोहम्मद अफ्फान ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुए बिहार स्टार्ट-अप नीति-2022 तथा डीपीआईआईटी (DPIIT) मान्यता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि बिहार स्टार्ट-अप योजना के तहत पूर्णिया जिले में अब तक 20 उद्यमियों का विभिन्न परियोजनाओं के लिए चयन किया जा चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को नए स्टार्ट-अप विचारों पर काम करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
पूर्णिया अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने विद्यार्थियों से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीकी ज्ञान और उद्यमिता की सोच युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्टार्ट-अप सेल के संकाय प्रभारी परिमल साह ने स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में नेटवर्किंग और सहयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजबूत संपर्क और साझेदारी किसी भी स्टार्ट-अप की सफलता की आधारशिला होती है।
स्टार्ट-अप समन्वयक मुक्तिकेश ने डिजिटल भुगतान मंच रेजरपे (Razorpay) जैसे प्लेटफॉर्म की उपयोगिता बताते हुए कहा कि आधुनिक वित्तीय समाधान स्टार्ट-अप संस्थापकों के लिए व्यवसाय संचालन को अधिक सरल और प्रभावी बना रहे हैं।
कार्यक्रम में बिहार स्टार्ट-अप योजना से लाभान्वित स्टार्ट-अप ‘BEYONDNULL’ के संस्थापक शुभम कुमार ने अपनी उद्यमिता यात्रा साझा करते हुए बताया कि उनका स्टार्ट-अप विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर कार्य कर रहा है। उन्होंने अपने अनुभव साझा कर युवाओं को नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।















