March 31, 2026
बदलता समाज, टूटते रिश्ते और ममता की मौन चीख || GS NEWS
नवगछियाChanchal Jha✍️ रचना : प्राची प्रिया,नवगछिया नवगछिया के बहतरा गांव की यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं है, यह हमारे समय का आईना है—एक ऐसा आईना, जिसमें झांकने से हम अक्सर बचना चाहते हैं। एक मां, जिसने अपने बच्चों को जन्म दिया, पाला-पोसा, अपने हिस्से की हर खुशी कुर्बान कर दी—उसी मां को आज अपने ही बेटे के हाथों लहूलुहान होना पड़ा। यह कहानी सिर्फ उमा देवी की नहीं है, यह उस बदलते समाज की कहानी है, जहां रिश्तों की गर्माहट धीरे-धीरे ठंडी पड़ती जा रही है। कभी कहा जाता था—”बड़ा बेटा बुढ़ापे का सहारा होता है और छोटा बेटा दिल का टुकड़ा।”लेकिन आज हालात इतने बदल गए हैं कि मां-बाप बड़े बेटे के दरवाजे पर नजर टिकाए रहते हैं और […]