



भागलपुर में इन दिनों मौसम और प्रदूषण दोनों ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। एक ओर कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर इस माह वायु प्रदूषण भी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सिल्क सिटी के नाम से प्रसिद्ध भागलपुर की हवा अब सांस लेने के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा रही है।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस महीने भागलपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई का स्तर 206 तक दर्ज किया गया है, जो वायु की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। इतनी खराब वायु गुणवत्ता के कारण शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में लंबे समय तक जमा हो जा रहे हैं, जिससे हवा और अधिक जहरीली होती जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही सांस व अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों पर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय प्रदूषण का असर अधिक महसूस हो रहा है। कई राहगीरों ने बताया कि सड़कों पर चलते समय सांस लेने में परेशानी हो रही है और ठंड के साथ-साथ धुएं का असर भी साफ नजर आ रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने, मास्क का प्रयोग करने और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। यदि जल्द ही मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।















