


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जहां इस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलना सीखते हैं, वहीं भागलपुर की नन्हीं परी भाव्या श्री शतरंज की बिसात पर बड़े-बड़े दिग्गजों को मात देने की चुनौती पेश कर रही है। महज 2 साल 6 महीने की उम्र में अंतरराष्ट्रीय FIDE रेटेड शतरंज टूर्नामेंट में 2 अंक अर्जित कर भाव्या ने एक नया इतिहास रच दिया है।

इस असाधारण और दुर्लभ उपलब्धि के लिए भाव्या को पटना में आयोजित 26वें बिहार अवॉर्ड समारोह में ‘बिहार यंग अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
सिकंदरपुर (भागलपुर) निवासी कुणाल राय और रूपा राय की सुपुत्री नन्हीं भाव्या ने बोलना सीखने के साथ ही शतरंज की गोटियों से नाता जोड़ लिया था। वह घोड़े की ढाई चाल को बखूबी समझ चुकी थी और शह-मात की पेचीदा चालों में भी माहिर हो चुकी थी।
खेल विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी कम उम्र में FIDE रेटेड प्रतियोगिता में भाग लेना और 2 महत्वपूर्ण अंक हासिल करना अपने आप में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। राष्ट्रीय खेल दिवस की पूर्व संध्या पर 27 अगस्त को आयोजित भव्य समारोह में भाव्या को यह राज्यस्तरीय सम्मान प्रदान किया गया।
‘ढाई साल की उम्र में 64 खानों के खेल पर ऐसी पकड़ और FIDE टूर्नामेंट में अंक हासिल करना पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है। भाव्या की यह प्रतिभा आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी।’ – अजय कुमार मिश्रा एवं अंकित कुमार मिश्रा, सचिव, भागलपुर जिला शतरंज संघ।
माता-पिता के सतत प्रोत्साहन और भाव्या के कुदरती हुनर को देखते हुए भागलपुर जिला शतरंज संघ (BDCA) ने उम्मीद जताई है कि यह बाल प्रतिभा आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेगी। अंग का नाम रौशन करेगी।

















