



भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र स्थित घाट रोड पर आत्मा दास ठाकुरबाड़ी में महंत और पूर्व प्रबंधक के बीच जमीन व आभूषण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब 16 दिन पूर्व ठाकुरबाड़ी के महंत अनुज मुनि ने पूर्व प्रबंधक नरेन्द्र प्रताप चौधरी, उनके भाई एवं पूर्व महंत कश्यप दास पर करोड़ों रुपये के आभूषण, कीमती मूर्तियां चोरी करने और ठाकुरबाड़ी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सुल्तानगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

महंत अनुज मुनि का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस की जांच में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी क्रम में बुधवार 2 जुलाई 2025 की देर शाम पूर्व प्रबंधक नरेन्द्र प्रताप चौधरी, उनकी पत्नी, भाई और बहन ने उनके साथ गाली-गलौज, दुर्व्यवहार करते हुए झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। इसको लेकर महंत अनुज मुनि ने भागलपुर के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और आयुक्त को आवेदन देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। साथ ही ठाकुरबाड़ी की जमीन से अवैध कब्जा हटाने और चोरी की घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, पूर्व प्रबंधक नरेन्द्र प्रताप चौधरी ने आरोपों को झूठा बताते हुए महंत अनुज मुनि पर उन्हें फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा कि यदि इस प्रकार की घटनाएं उनके द्वारा की गई हैं, तो सुल्तानगंज थानाध्यक्ष एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी निष्पक्ष जांच कराएं। उन्होंने मांग की है कि उनके तीनों भाइयों, वर्तमान महंत अनुज मुनि, जांच समिति के सदस्य कश्यप दास, बालेश्वर मुनि, दुर्वेश दास, रमण मुनि तथा इस केस से जुड़े सभी गवाहों का नार्को टेस्ट, पोलिग्राफी टेस्ट एवं अन्य जांच सीआईडी से कराई जाए, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके।

मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर नरेन्द्र प्रताप चौधरी ने बताया कि मंदिर का मुख्य द्वार अलग है और मंदिर परिसर के दोनों ओर तीन-तीन दुकानें हैं। उनका खुद का दुकान तीसरे नंबर पर है, जिसे वर्ष 2021 में महंत कश्यप दास द्वारा 15 वर्षों के लिए एग्रीमेंट के तहत दिया गया था। उन्होंने कहा कि उक्त जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज लिखित रूप से उपलब्ध हैं। अगर वह कागजात फर्जी हैं तो कोर्ट के माध्यम से हस्ताक्षर की जांच कराई जाए।













