



भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सत्र 2023–27 के सेमेस्टर चार के मूल्यांकन कार्य को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मारवाड़ी कॉलेज में बीते दिन हुई घटना के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। मूल्यांकन कार्य के दौरान शिक्षकों द्वारा प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। इसके परिणामस्वरूप मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।

शिक्षकों का आरोप है कि प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा मूल्यांकन कार्य का निरीक्षण करने मारवाड़ी कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान सीनेट सदस्य सह एफिलिएटेड कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्रा ने शिक्षकों की बकाया राशि के भुगतान को लेकर प्रभारी कुलपति से आग्रह किया। आरोप है कि इस बात पर प्रभारी कुलपति आक्रोशित हो गए और तत्काल रजिस्ट्रार प्रो. रामाशीष पूर्वे को डॉ. आनंद मिश्रा को मूल्यांकन कार्य से डिबार करने का निर्देश दे दिया।

इस फैसले से नाराज डॉ. परवेज अख्तर सहित कई अन्य शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया और मारवाड़ी कॉलेज के महिला प्रभाग से बाहर निकलकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों का कहना है कि प्रशासन का यह रवैया मनमाना और अपमानजनक है, जिससे उनका मनोबल प्रभावित हुआ है।
आज इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कोशी स्नातक क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों के साथ लगातार मनमाना व्यवहार किया जा रहा है और मारवाड़ी कॉलेज की घटना इसका ताजा उदाहरण है। डॉ. संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि प्रभारी कुलपति के इस आचरण से विश्वविद्यालय की गरिमा को गंभीर ठेस पहुंची है।
डॉ. संजीव कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं किया गया तो इसका प्रतिकूल असर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ेगा।














