


भागलपुर के सिकंदरपुर निवासी प्रवीण कुमार को पटना उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की खबर से उनके गृह नगर में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके चयन को लेकर परिवार, शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों में हर्ष का माहौल है। प्रवीण कुमार के पिता कृष्ण मोहन एक वरिष्ठ अधिवक्ता रह चुके हैं, जिनकी पहचान विधि जगत में सम्मानपूर्वक की जाती रही है।
पटना हाईकोर्ट की न्यायपालिका को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत के राष्ट्रपति ने दो नए न्यायाधीशों — रितेश कुमार और प्रवीण कुमार — की नियुक्ति को आधिकारिक मंजूरी प्रदान की है। यह नियुक्तियां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) के अंतर्गत की गई हैं।
नवनियुक्त न्यायाधीशों ने 8 जनवरी को पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की उपस्थिति में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस गरिमामय अवसर पर कई न्यायाधीश, महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता, पूर्व न्यायाधीश एवं विभिन्न प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिससे समारोह अत्यंत भव्य और सम्मानजनक रहा।
इन नई नियुक्तियों के साथ पटना हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की संख्या अब 37 हो गई है। हालांकि, स्वीकृत 53 पदों में अभी भी 16 पद रिक्त हैं। न्यायिक पदों की यह कमी लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण में एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों को न्याय मिलने में विलंब होता है।
भारत सरकार के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार इन नियुक्तियों की अधिसूचना गजट ऑफ इंडिया में प्रकाशित की जाएगी। पदभार ग्रहण के साथ ही नवनियुक्त न्यायाधीशों की भूमिका प्रभावी हो जाएगी।
इन नियुक्तियों से न्यायिक प्रक्रिया में गति आने, लंबित मामलों के निपटारे में तेजी मिलने और न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। पटना हाईकोर्ट में यह नियुक्ति बिहार की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे आम जनता के लिए न्याय की राह और अधिक सुगम होगी।












