


भागलपुर ।
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को दो दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव का विधिवत उद्घाटन भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। यह महोत्सव अंग संस्कृति भवन, भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन मंचासीन रहे। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों और कलाकारों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अंग क्षेत्र की ग्रामीण लोक संस्कृति को समर्पित यह दो दिवसीय महोत्सव 14 एवं 15 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है।

प्रथम दिवस के कार्यक्रम में भागलपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों द्वारा अंगिका लोक गीत, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिका की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंग क्षेत्र की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

महोत्सव के दूसरे दिन 15 जनवरी को भास रचित ‘माध्यम व्यायोग’ नाटक का मंचन तथा भागलपुर के युवा एवं वरिष्ठ कवियों द्वारा कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने मकर संक्रांति के महत्व पर कविता पाठ करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। वहीं जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा लगातार लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे समाज को अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने और संजोने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भागलपुर का नाम रोशन करने वाले युवा कलाकारों ने ‘गोदना’ अंगिका लोक गीत की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं अन्य ग्रामीण कलाकारों ने संस्कार गीत, कटनी गीत और रोपनी गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को अंगिका रस से सराबोर कर दिया।

मंच संचालन कुमार गौरव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने सभी कलाकारों से अंगिका भाषा में परिचय प्राप्त किया तथा कलाकारों को बिहार कलाकार पंजीयन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजीयन संख्या प्राप्त होने के बाद ही कलाकारों को भविष्य में मंचीय प्रस्तुतियों का अवसर प्रदान किया जाएगा।












