



भागलपुर। भागलपुर के समीक्षा भवन में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में नगर निकायों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भागलपुर नगर निगम, सुल्तानगंज एवं नवगछिया नगर परिषद के साथ-साथ कहलगांव, पीरपैंती, सबौर, अकबरनगर और हबीबपुर नगर पंचायत की योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
होल्डिंग टैक्स की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि नगर निकाय क्षेत्रों में खाली जमीन पर नगर निगम में प्रति वर्ग मीटर तीन रुपये, नगर परिषद में दो रुपये और नगर पंचायत में एक रुपये प्रतिवर्ष टैक्स निर्धारित है। वहीं भवनों के लिए मुख्य सड़क और अन्य सड़कों के अनुसार अलग-अलग दरें लागू हैं। जिलाधिकारी ने सभी भवनों की पुनः जांच कराने का निर्देश देते हुए कहा कि पहले इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जिन भवनों का असेसमेंट छूट गया है या सही नहीं हुआ है, वे स्वयं जांच कराकर सही कर निर्धारण करा सकें। टैक्स तहसीलदार द्वारा सत्यापन कराने तथा नगर आयुक्त को विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाने का निर्देश दिया गया।

सैरात बंदोबस्ती की समीक्षा में बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में बस स्टैंड की बंदोबस्ती की जाती है। नगर निकाय क्षेत्र की दुकानों का पंजीकरण एवं वार्षिक नवीकरण किया जा रहा है। दुकानों की स्थिति के अनुसार ट्रेड लाइसेंस शुल्क 500 से 2500 रुपये तक निर्धारित है। भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में दुकानों का पंजीकरण तेज करने के लिए चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र में लगभग 12 हजार दुकानें हैं। दोनों नगर परिषदों और सभी नगर पंचायतों को भी दुकानों के पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि घर-घर से कचरा संग्रहण के लिए गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग दिया जाए। इसके लिए वार्ड पार्षदों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी को छापेमारी के निर्देश दिए गए। सभी व्यावसायिक इकाइयों को अपने कचरे के लिए स्वयं डस्टबिन रखने का आदेश दिया गया। 20 फरवरी के बाद सड़क किनारे कचरा पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। सभी फूड वेंडरों के लिए डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और उस पर दुकान संख्या लिखना भी जरूरी होगा।

सड़क और फुटपाथ व्यवस्था को लेकर निर्देश दिया गया कि फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों के लिए पीली पट्टी तथा बाइक और ग्राहकों के लिए लाल पट्टी अंकित की जाए। उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी। बैठक में डंप साइट, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, जलापूर्ति योजना और अमृत योजना की भी समीक्षा की गई। अमृत योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में चार पार्क बनाए जाने की जानकारी दी गई।

रात में बारात और आयोजनों के दौरान शोर-शराबे और पटाखों पर भी नियंत्रण के निर्देश दिए गए। स्पष्ट किया गया कि रात 10 बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण की अनुमति नहीं होगी और बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर कार्रवाई की जाएगी। विवाह भवनों को अपने कचरे के निष्पादन की कार्ययोजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
अतिक्रमण की समीक्षा में टोटो के संचालन के लिए सभी मोड़ों पर क्रॉसिंग लाइन बनाने और दिन में निर्धारित लेन में ही टोटो चलाने के निर्देश दिए गए। नगर निगम क्षेत्र में संचालित आश्रय गृह स्थलों की भी समीक्षा की गई, जहां जरूरतमंदों को अस्थायी आवास की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा हाई मास्ट लाइट की जांच कराने का आदेश दिया गया।
बैठक में नाली-गली पक्कीकरण योजना, सम्राट अशोक भवन निर्माण, शवदाह गृह निर्माण, समग्र विकास योजना और जल-जीवन-हरियाली अभियान की भी समीक्षा की गई। बैठक में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा सुधीर कुमार, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार सहित सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी उपस्थित थे।















