



भागलपुर।
भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील तथा अमेरिका की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने के फैसले पर हस्ताक्षर के बाद टेक्सटाइल और हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इस निर्णय का सीधा लाभ बिहार के भागलपुर सिल्क उद्योग को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सिल्क नगरी भागलपुर में इस फैसले को लेकर बुनकरों और निर्यातकों के बीच उत्साह का माहौल है।

बुनकर से निर्यातक बने जियाउर्रहमान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार में भागलपुरी सिल्क और टेक्सटाइल उत्पादों की पहले से ही एक अलग पहचान है। वहां के ग्राहक भागलपुर की बारीक कारीगरी, पारंपरिक डिजाइन और उच्च गुणवत्ता को पसंद करते हैं।
जियाउर्रहमान के अनुसार, भागलपुर के कारीगर जिस मेहनत और हुनर से सिल्क उत्पाद तैयार करते हैं, वैसी कारीगरी दुनिया के किसी अन्य हिस्से में मिलना मुश्किल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टैरिफ हटने और ट्रेड डील के प्रभाव से भागलपुर के सिल्क उद्योग को नई मजबूती मिलेगी। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और सिल्क व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि निर्यात में बढ़ोतरी से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवा पीढ़ी को भी पारंपरिक सिल्क उद्योग से जुड़ने का प्रोत्साहन मिलेगा। कुल मिलाकर भारत–अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील को भागलपुर के सिल्क उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सिल्क नगरी की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होने की उम्मीद है।















