



भागलपुर।
पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों के परिजनों से ठगी करते हुए पकड़ा गया। आक्रोशित परिजनों ने युवक की पिटाई कर दी, जिसके बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर बरारी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, हालांकि मुख्य आरोपी फरार होने में सफल रहा, जबकि उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना ले जाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले के निवासी लाल बाबू नामक वृद्ध पिछले चार दिनों से मायागंज अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती हैं। इसी दौरान अख्तर नामक एक प्राइवेट एम्बुलेंस चालक वार्ड में पहुंचा और खुद को डॉक्टर बताते हुए बेहतर इलाज दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने मरीज के परिजनों से इलाज और सुविधा दिलाने के नाम पर 1200 रुपये ले लिए और इसके बाद मौके से फरार हो गया।

बताया गया कि कुछ समय बाद वही आरोपी एक बार फिर अस्पताल पहुंचा और किसी दूसरे मरीज के परिजनों को निशाना बनाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान लाल बाबू के परिजनों ने उसे पहचान लिया और पकड़कर उससे ठगे गए रुपये वापस मांगने लगे। देखते ही देखते वार्ड में हंगामा शुरू हो गया। अन्य मरीजों और लोगों ने इसकी सूचना बरारी थाना पुलिस को दी।
हंगामे के बीच आरोपी अख्तर अस्पताल परिसर में अपनी एम्बुलेंस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना ले जाया। अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि अख्तर पहले भी कई बार खुद को डॉक्टर या अस्पताल कर्मी बताकर मरीजों के परिजनों से इलाज, जांच और बेड दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा व्यवस्था में बाहरी लोग आसानी से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस संबंध में बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार ने बताया कि पैसे के लेन-देन को लेकर मामूली विवाद हुआ था, जिसे दोनों पक्षों के बीच सुलह के बाद समाप्त कर दिया गया है। वहीं, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा तथा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा।















