


भागलपुर। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में शनिवार को समीक्षा भवन, भागलपुर में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं अस्पतालों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जनवरी 2026 में ‘भाव्या स्कैन एंड शेयर’ योजना के तहत रेफरल अस्पताल नाथनगर की उपलब्धि 81 प्रतिशत तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंगरा चक की उपलब्धि 88 प्रतिशत रही, जबकि जिले का औसत 94 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मरीजों के वाइटल जांच की समीक्षा के दौरान पाया गया कि रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज की उपलब्धि 91.6 प्रतिशत रही, जबकि जिला औसत 98.5 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने सभी मरीजों की अनिवार्य रूप से वाइटल जांच करने के निर्देश दिए। वहीं सदर अस्पताल, भागलपुर के एसएनसीयू में क्षमता के अनुरूप मात्र 75 प्रतिशत नवजातों के भर्ती होने पर असंतोष जताते हुए उपचार व्यवस्था में सुधार लाने को कहा।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि मानकों के विरुद्ध संचालित निजी क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जाए। मातृ मृत्यु दर की समीक्षा के दौरान प्रसव पूर्व जांच, जोखिम चिन्हांकन एवं लापरवाही के मामलों की गहन जांच कर दोषी एएनएम, आशा सहित संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाए जाने पर जिला सामुदायिक प्रेरक का वेतन स्थगित रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के चयन में तेजी लाने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, मुखिया एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक कर प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया।
यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि ओपीडी के कम से कम तीन प्रतिशत मरीजों की टीबी जांच सुनिश्चित की जाए तथा संदिग्ध मरीजों की पहचान कर एक्स-रे के माध्यम से पुष्टि की जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन सहित विभिन्न प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।













